जन्माष्टमी (कान्हा का जन्मोत्सव)

कान्हा

कृष्ण जन्माष्टमी अर्थात् अष्टमी के दिन श्री कृष्ण का जन्म दिवस जन्माष्टमी का त्यौहार हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। जन्माष्टमी के सम्बन्ध में कथा प्रचलित है कि द्वापर युग में इसी तिथि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और इसीलिए भगवान  के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के त्यौहार के […]

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श्रावणी (सावन) पूर्णिमा (रक्षाबंधन पर्व)

रक्षाबंधन

श्रावण (सावन) मास (महीना) के अंतिम दिन पूर्णिमा की तिथि को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के मधुर प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन के पवित्र दिन बहनें अपने भाई की सलामती और कामयाबी कामना करती हैं और उन्हें रक्षा-सूत्र (राखी) बाधतीं हैं,साथ ही भाई भी तन-मन-धन से बहन के हितरक्षा का वचन लेते हैं और बहनों को उपहार […]

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सावन की अगन (श्रृंगार रस के वियोग भाव के गीत)

lagi aaj sawan ki fir vo jhadi hai

सावन की श्रृंखलाबद्ध कड़ियों के सन्दर्भ में प्रथम कड़ी झूमता सावन में श्रृंगार रस के संयोग भावों का वर्णन किया गया है। इसी तर्ज पर इस कड़ी में श्रृंगार रस के वियोग रूप की व्याख्या है। वियोग भाव अर्थात् प्रेमी-युगल के बिछड़ने की अवस्था दो प्रेमी ह्रदयों को विरह की इस बेला में सावन की बूंदें भी ठंडक का एहसास […]

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सावन (श्रावण) शुक्ल पंचमी (नागपंचमी पर्व की धुन)

सपेरे तूने कैसी बीन बजाई

सावन के महीने में (श्रावण) शुक्ल पंचमी के दिन नागपंचमी का त्यौहार सम्पूर्ण भारतवर्ष में  परंपरागत रूप से श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मनाया जाता है। इस दिन नाग दर्शन  और नागों की पूजा का विशेष महत्व होता है। हिंदी सिनेमा जगत में भी नागपंचमी पर्व के पूजन , समारोह और उनसे सम्बंधित गीतों का वर्णन किया गया है। इसी […]

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हिन्दी सिनेमा की श्वेत-श्याम दुनिया

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1950 के दशक में हिंदी फिल्में श्वेत-श्याम से रंगीन हुईं। इसके पहले हिंदी सिनेमा जगत रंगों से अछूता था, लेकिन सिनेमा की ब्लैक एंड व्हाइट दुनिया भी सिने प्रेमियों के दिलों पर छाई रहीं। श्वेत-श्याम से लेकर रंगीन फिल्मों के अब तक के दौर में हिंदी सिनेमा में बहुत परिवर्तन हुए और यह परिवर्तन फिल्म निर्माण के हर क्षेत्र में […]

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