जयमाला : गीतकार ‘भरत व्यास’ की प्रस्तुति ।

फौजी साथियों की सेवा में प्रस्तुत किया गया विशेष जयमाला कार्यक्रम, जिसके प्रस्तुतकर्ता हैं, प्रसिद्ध गीतकार भरत व्यास।भरत व्यास जी में बचपन से ही कवि प्रतिभा दिखने लगी थी। उनका लिखा पहला गीत था- आओ वीरो हिलमिल गाए वंदे मातरम। उन्होंने 17-18 वर्ष की उम्र तक लेखन शुरू कर दिया था।भरत व्यास जी ने कुछ फ़िल्मों में भी भूमिका निभाई थी […]

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सम्पूर्ण सिंह कालरा उर्फ़ गुलज़ार (जन्मदिन)

  हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार उर्फ़ सम्पूर्ण सिंह कालरा का आज 18 अगस्त को जन्मदिन है। गुलज़ार गीतकार होने के साथ ही एक कवि, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक तथा नाटककार भी हैं। ये मुख्यतः हिंदी, उर्दू और पंजाबी में ही लिखते हैं लेकिन ब्रजभाषा, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी में भी इन्होने कुछ रचनाएँ लिखीं हैं। गुलज़ार साहब […]

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यादों के झरोखे से -मदन मोहन कोहली

सन् 1950 से 1970 तक के तीन दशको में संगीत की धूम मचाने वाले हिंदी सिनेमा के प्रख्यात  संगीतकार मदन मोहन कोहली का आज की ही तारीख़ 25 जून को जन्म हुआ था । अपने युवावस्था में यह एक सैनिक थे लेकिन फौजी वर्दी और जंग का मैदान इस संगीत प्रेमी को रास  न आया और इन्होनें वापस आकर लखनऊ का […]

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यादों के झरोखे से….कैफ़ी आज़मी की पुण्यतिथि (10 मई )।

 कैफ़ी आज़मी (14 जनवरी 1919 – 10 मई 2002) उर्दू के अज़ीम शायर कैफ़ी आज़मी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि । ‘ये दुनिया, ये महफ़िल, मेरे काम की नहीं’ , इस गीत को लिखने वाले गीतकार कैफ़ी आज़मी तो इस दुनिया से चले गए लेकिन उनकी लेखनी की गूंज आज भी आज भी सिनेमा जगत और गीतप्रेमियों को उनसे जोड़े हुए है । कैफ़ी […]

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