यादों के झरोखे से….तलत महमूद की पुण्यतिथि (9 मई) |

Talat Mahamood

Talat Mahamood

 

गजलों के दुनिया के बेताज बादशाह तलत महमूद की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी कुछ बातें |

तलत महमूद (24 फरवरी 1924 – 9 मई 1998)

तलत महमूद गायक होने के साथ ही एक अच्छे अभिनेता भी थे . उन्हें बॉलीवुड का बैजू बावरा भी कहा जाता था .अपनी प्रतिभा की बदौलत उन्होंने गज़ल के क्लिष्ट शब्दों को सरल बनाया और अपनी आवाज से उसमें मधुरता भर दी, जिससे गज़ल नवाबों और शायरों की महफ़िल से निकल कर आम लोगों का भी पसंदीदा बन गया . अपनी थरथराती आवाज के लिए मशहूर तलत महमूद को गज़ल की दुनिया का सम्राट भी कहा जाता है . महान गायक तलत महमूद ने करीब 750 फ़िल्मी और गैर फ़िल्मी गाने गाये . इनके द्वारा गाना जाने वाला पहला गाना था “सब दिन एक सामान नहीं था बन जाऊंगा क्या से क्या मैं इसका तो कुछ ध्यान नहीं था” . यह गाना उन्होंने HMV म्यूजिक कंपनी के लिए गया था . इस गाने के लिए उन्हें 80/- पारिश्रमिक मिला था . तलत महमूद के फ़िल्मी गानों के अलावा गैर-फ़िल्मी गाने भी प्रसिद्ध हुए .

तलत महमूद ने 1955 में “बारादरी” फिल्म के लिए एक गाना (तस्वीर बनाता हूँ, तस्वीर नहीं बनती) गया था जिसके संगीतकार ‘नौशाद’ थे .इस गाने को बाद में जगजीत सिंह ने भी अपने एल्बम ‘क्लोज टू माय हार्ट’ में भी गया था।

आइये सुनते हैं तलत जी की आवाज मे ये मधुर गीत:

तस्वीर बनाता हूँ, तस्वीर नही बनती…

 


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