सावन की अगन (श्रृंगार रस के वियोग भाव के गीत)

सावन की श्रृंखलाबद्ध कड़ियों के सन्दर्भ में प्रथम कड़ी झूमता सावन में श्रृंगार रस के संयोग भावों का वर्णन किया गया है। इसी तर्ज पर इस कड़ी में श्रृंगार रस के वियोग रूप की व्याख्या है। वियोग भाव अर्थात् प्रेमी-युगल के बिछड़ने की अवस्था दो प्रेमी ह्रदयों को विरह की इस बेला में सावन की बूंदें भी ठंडक का एहसास […]

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झूमता सावन (श्रृंगार रस के संयोग भाव के गीत)

सावन के महीने में भक्ति और श्रृंगार रस का मिश्रित समावेश होता है। सावन में जहाँ एक ओर शिव भक्तगण भक्ति के रस से सराबोर रहते हैं, वहीं वर्षा ऋतु के  चरम उत्कर्ष वाला सावन का यह सुहाना मौसम श्रृंगार रस के प्रेम में भी डूबा रहता है। अनगिनत फूलों की खुशबू , रंग-बिरंगी उड़ती तितलियाँ, भौरों की गुंजन और मंद […]

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