सावन की अगन (श्रृंगार रस के वियोग भाव के गीत)

सावन की श्रृंखलाबद्ध कड़ियों के सन्दर्भ में प्रथम कड़ी झूमता सावन में श्रृंगार रस के संयोग भावों का वर्णन किया गया है। इसी तर्ज पर इस कड़ी में श्रृंगार रस के वियोग रूप की व्याख्या है। वियोग भाव अर्थात् प्रेमी-युगल के बिछड़ने की अवस्था दो प्रेमी ह्रदयों को विरह की इस बेला में सावन की बूंदें भी ठंडक का एहसास […]

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हरियाला सावन (रिमझिम के गीत)

इठलाते काले बादल, मन को हर्षाती ठंडी-ठंडी बयार और तन को भिगोती बरखा की फुहारें, ये मदमस्त माहौल सावन के संग-संग चलते हैं । चारों तरफ फैली हरियाली आँखों को सुकून देती हैं। रिमझिम बारिश की बूंदों से उल्लासित मन   एहसास को शब्दों के रूप में पिरोकर खुद-बखुद गुनगुनाने लगता है । आइये सुनते हैं, श्रृंखलाबद्ध कड़ियों के रूप में […]

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